डेविड वॉर्नर का टेलुगू फिल्म डेब्यू: 'रॉबिनहुड' में निथीन और श्रीलीला के साथ

डेविड वॉर्नर का टेलुगू फिल्म डेब्यू: 'रॉबिनहुड' में निथीन और श्रीलीला के साथ

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान डेविड वॉर्नर ने अपना अभिनय डेब्यू टेलुगू फिल्म रॉबिनहुड के जरिए किया, जो 28 मार्च, 2025 को भारत भर में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। 38 साल के इस बल्लेबाज़ ने क्रिकेट के मैदान से निकलकर सिल्वर स्क्रीन पर कदम रखा — और ये सिर्फ एक कैमियो नहीं, बल्कि एक ऐसा मोमेंट था जिसने भारतीय सिनेमा और क्रिकेट के दुनिया को जोड़ दिया।

क्रिकेट से सिनेमा तक: एक अनोखा सफर

वॉर्नर का फिल्म में किरदार छोटा है, लेकिन उसका प्रभाव बड़ा है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बिजनेसमैन वासुदेव की भूमिका निभाई, जो फिल्म की कहानी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। फिल्म के ट्रेलर में उनका टेलुगू में भाषण देखकर दर्शक हैरान रह गए — एक ऐसा क्रिकेटर जो भारतीय संस्कृति को इतना समझता है कि उसने फिल्म के लिए टेलुगू बोलना सीख लिया। उन्होंने ट्रेलर लॉन्च पर कहा, "मैं डर गया था कि क्या मैं आपके परिवार में फिट हो पाऊंगा... लेकिन आपने मुझे इतना प्यार दिया कि मैं अपने दिल से आभारी हूँ।"

ये डेब्यू किसी अचानक फैसले का नतीजा नहीं था। वॉर्नर का हैदराबाद से लंबा रिश्ता है — वह 2013 से 2021 तक सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के कप्तान रहे और 2016 में आईपीएल खिताब जीता। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने टिकटॉक पर टेलुगू गानों जैसे 'स्रीवल्ली' और 'माइंड ब्लॉक' पर नाचकर तेलंगाना के युवाओं के दिल जीत लिए। ये वही गाने थे जो फिल्म 'पुष्पा' और 'सरीलेरु नीकेव्वारु' के लिए बने थे। उनकी ये लोकप्रियता फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गई।

फिल्म की कहानी: एक अनाथ जो अमीरों से चोरी करता है

रॉबिनहुड की कहानी निथीन रेड्डी के किरदार राम पर आधारित है — एक अनाथ जिसने स्कूल के वचन को सच मान लिया कि "पूरा देश मेरा परिवार है"। बचपन में वह अमीरों से चोरी करके अनाथालयों को पैसे देता है। बाद में पुलिस उसे पकड़ने लगती है, और ऑस्ट्रेलियाई बिजनेसमैन की बेटी नीरा (श्रीलीला) भारत आती है, जिसके साथ उसका रिश्ता बदल जाता है।

फिल्म का टाइटल रॉबिनहुड है, लेकिन ये कोई बार-बार चोरी करने वाला नहीं है। जब वह एक शक्तिशाली ग्राहक का बॉडीगार्ड बनता है, तो उसकी भूमिका बदल जाती है — वह अब चोरी नहीं, बल्कि संरक्षण करता है। ये बदलाव फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाता है।

निर्माण और टेक्निकल डिटेल्स: हैदराबाद से मेलबर्न तक

फिल्म का निर्माण मिथ्री मूवी मेकर्स ने किया, जिसका मुख्यालय हैदराबाद में है। निर्देशक वेंकी कुदुमुला ने इसे अपनी तीसरी फिल्म के रूप में बनाया, जिससे पहले उन्होंने 'चलो' और 'भीष्म' बनाए थे।

शूटिंग हैदराबाद, मुन्नार (केरल) और मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) में हुई। ये तीन स्थान फिल्म की विश्वव्यापी छवि को बढ़ाते हैं। शूटिंग दिसंबर 2024 में पूरी हुई, और फिल्म का आधिकारिक टाइटल 26 जनवरी, 2024 को — भारत के गणतंत्र दिवस पर — घोषित किया गया।

मूल रूप से फिल्म को 25 दिसंबर, 2024 को रिलीज़ करने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे बाहर निकाल दिया गया। कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई समाचारों के मुताबिक, रिलीज़ की तारीख बदलने का फैसला फिल्म के एडिटिंग और डीएक्स के लिए अतिरिक्त समय चाहिए था।

अभिनेता और संगीत: एक नए युग की शुरुआत

श्रीलीला ने निथीन के साथ दूसरी बार अभिनय किया है — पहली फिल्म 'एक्सट्रा ऑर्डिनरी मैन' थी। इस फिल्म में केतिका शर्मा ने एक आइटम नंबर में नाचा, जबकि वेन्नेला किशोर, राजेंद्र प्रसाद और शाइन टॉम चैको ने सहायक भूमिकाएं निभाईं।

संगीत जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है, जो तेलुगू सिनेमा के लिए एक पहचान बन चुके हैं। सिनेमैटोग्राफी सै स्रीराम ने की, और एडिटिंग कोटी ने की।

रिलीज़ और प्रतिक्रिया: बॉक्स ऑफिस से लेकर ZEE5 तक

फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन अभी तक पूरी तरह से सामने नहीं आया है, लेकिन IMDb पर इसे 4.5/10 का रेटिंग मिला है — 1,300 यूजर्स के वोट के आधार पर। ये एक अच्छा शुरुआती रिस्पॉन्स है, खासकर जब ध्यान में रखा जाए कि ये एक ऐसी फिल्म है जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर का कैमियो है।

थिएट्रिकल रिलीज़ के बाद, फिल्म 10 मई, 2025 को शाम 6:00 बजे IST पर ZEE5 पर ऑटीटी पर आई। ये फिल्म का अंतिम स्टेज है — जहां वॉर्नर के फैन्स और टेलुगू सिनेमा के शौकीन दोनों इसे देख सकते हैं।

वॉर्नर का भारतीय सिनेमा में रिश्ता: क्यों ये अहम है?

वॉर्नर का ये डेब्यू सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पुल है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट का रिश्ता तो पुराना है, लेकिन अब ये रिश्ता सिनेमा तक फैल गया है। उनका टेलुगू गानों पर नाचना, उनका टेलुगू बोलना, और अब फिल्म में आना — ये सब भारतीय संस्कृति के प्रति एक सम्मानजनक रवैया है।

ये एक नया ट्रेंड शुरू कर रहा है — अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अब सिर्फ टीवी एड्स नहीं, बल्कि फिल्मों में भी आ रहे हैं। ये फिल्म दिखाती है कि भारतीय सिनेमा अब केवल देश की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डेविड वॉर्नर ने फिल्म में क्या भूमिका निभाई?

डेविड वॉर्नर ने ऑस्ट्रेलियाई बिजनेसमैन वासुदेव की भूमिका निभाई, जो फिल्म की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह श्रीलीला के किरदार के पिता हैं, और उनके किरदार के कारण ही निथीन का किरदार उनकी बेटी का बॉडीगार्ड बनता है। ये कैमियो रोल था, लेकिन इसका नाटकीय प्रभाव बड़ा रहा।

रॉबिनहुड फिल्म क्यों दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक टाली गई?

फिल्म की रिलीज़ दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक टाली गई, लेकिन आधिकारिक कारण घोषित नहीं किए गए। अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि एडिटिंग और विशेष प्रभावों के लिए अतिरिक्त समय चाहिए था। इस दौरान फिल्म का प्रमोशन बढ़ाया गया, जिससे वॉर्नर के डेब्यू का ध्यान अधिक से अधिक आकर्षित हुआ।

डेविड वॉर्नर ने टेलुगू कैसे सीखा?

लॉकडाउन के दौरान वॉर्नर ने टिकटॉक और सोशल मीडिया पर टेलुगू गानों के साथ नाचकर तेलंगाना के युवाओं के बीच लोकप्रियता पाई। इस दौरान उन्होंने गानों के बोल सीखे, जिससे उनका टेलुगू बोलने का अभ्यास हुआ। फिल्म के लिए उन्होंने एक भाषा टीचर की मदद ली और ट्रेलर में अपना भाषण बिना लिखे बोल दिया।

रॉबिनहुड फिल्म का IMDb रेटिंग क्यों इतना कम है?

फिल्म का IMDb रेटिंग 4.5/10 है, जो अभी तक 1,300 यूजर्स के वोट के आधार पर है। ये कम होने का कारण फिल्म की कहानी का थोड़ा अजीब ट्विस्ट और एक्शन सीन्स का असंगठित तरीका हो सकता है। लेकिन वॉर्नर के कैमियो और निथीन के प्रदर्शन की तारीफ अधिकांश दर्शकों ने की है।

श्रीलीला और निथीन की पिछली फिल्म कौन सी थी?

श्रीलीला और निथीन पहली बार फिल्म 'एक्सट्रा ऑर्डिनरी मैन' में साथ दिखाई दिए थे, जो 2022 में रिलीज़ हुई थी। उस फिल्म में भी उनकी केमिस्ट्री दर्शकों को पसंद आई थी, जिसके कारण इस बार फिर एक साथ लाया गया। ये दूसरी जोड़ी टेलुगू सिनेमा में नए रिकॉर्ड बना रही है।

रॉबिनहुड फिल्म का निर्माण किसके द्वारा किया गया?

फिल्म का निर्माण मिथ्री मूवी मेकर्स ने किया, जिसका मुख्यालय हैदराबाद में है। नवीन यर्नेनी और वाई. रवि शंकर इसके निर्माता हैं, और चेरी कंपनी के सीईओ हैं। यह कंपनी तेलुगू सिनेमा में बड़े बजट वाली फिल्मों के लिए जानी जाती है।

टिप्पणि (17)

  1. Bhavesh Makwana
    Bhavesh Makwana
    24 नव॰, 2025 AT 22:48 अपराह्न

    ये फिल्म सिर्फ एक क्रिकेटर का कैमियो नहीं, बल्कि एक संस्कृति का सम्मान है। वॉर्नर ने जो भी किया, वो बिना किसी नाटक के, बस अपने दिल से किया। ये भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच का असली पुल है।
    कभी-कभी ऐसे लोग होते हैं जो खेल के बाहर भी इतना गहरा जुड़ जाते हैं कि वो बस एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक इंसान बन जाते हैं।

  2. Vidushi Wahal
    Vidushi Wahal
    25 नव॰, 2025 AT 03:23 पूर्वाह्न

    टेलुगू बोलने के लिए उन्होंने जितना मेहनत की, वो देखकर लगा जैसे कोई अपनी मातृभाषा सीख रहा हो।

  3. Narinder K
    Narinder K
    26 नव॰, 2025 AT 22:21 अपराह्न

    अरे भाई, ये फिल्म तो बस एक बड़ा ब्रांडिंग एक्सरसाइज़ लग रही है। वॉर्नर का कैमियो इतना बड़ा क्यों? शायद बजट खत्म हो गया तो इसे लेकर धमाल मचा दिया।
    और हाँ, IMDb पर 4.5? अच्छा है कि कोई ने वो फिल्म नहीं देखी, वरना तो रोने को मजबूर हो जाता।

  4. Narayana Murthy Dasara
    Narayana Murthy Dasara
    27 नव॰, 2025 AT 22:26 अपराह्न

    दोस्तों, ये फिल्म बस एक फिल्म नहीं, ये एक मैसेज है। वॉर्नर ने अपनी शुरुआत टिकटॉक पर की, फिर गाने सीखे, फिर भाषा सीखी, और अब फिल्म में आया।
    इसका मतलब है कि अगर तुम किसी चीज़ के प्रति सच्चे हो, तो भाषा, संस्कृति, दूरी - कुछ भी तुम्हें रोक नहीं सकता।
    ये एक ऐसा उदाहरण है जो हर युवा के लिए प्रेरणा है। बस एक छोटा सा कदम लो, और दुनिया तुम्हें अपना बना लेगी।
    मैंने इस फिल्म को देखा, और लगा जैसे कोई मेरे दिल की बात कह रहा हो।
    हम अक्सर बाहरी चीज़ों को देखते हैं, लेकिन असली जुड़ाव तो दिल से होता है।
    वॉर्नर ने दिल से जुड़ा, और दिल ने उसे अपना लिया।
    इसलिए अगर तुम किसी चीज़ को अपनाना चाहते हो, तो उसे बस एक ट्रेंड नहीं, एक अनुभव बना लो।
    इस फिल्म का असली सफलता बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि इस बात में है कि एक ऑस्ट्रेलियाई ने तेलंगाना के युवाओं के दिल जीत लिए।
    ये जुड़ाव बनाना है, न कि बिक्री करना।
    मैं इस फिल्म के लिए अपना दिल नहीं, बल्कि अपना दिमाग भी लगा दूंगा।
    क्योंकि ये एक फिल्म नहीं, ये एक आंदोलन है।

  5. lakshmi shyam
    lakshmi shyam
    27 नव॰, 2025 AT 23:20 अपराह्न

    ये सब बकवास है। एक क्रिकेटर को फिल्म में डाल दिया और अब लोग इसे कला कह रहे हैं? अगर ये फिल्म अच्छी होती तो वॉर्नर के बिना भी ये चलती।
    तुम सब बस उसके नाम के आगे भाग रहे हो। इतनी गंदी फिल्म को फैंसी बनाने की कोशिश मत करो।

  6. Sabir Malik
    Sabir Malik
    28 नव॰, 2025 AT 16:56 अपराह्न

    मैंने इस फिल्म को देखा, और जब वॉर्नर ने टेलुगू में बोला, तो मेरी आँखें भर आईं।
    क्योंकि ये बस एक बोलना नहीं था - ये एक दिल की बात थी।
    मैंने उसे टिकटॉक पर नाचते हुए देखा था, और तब लगा कि ये आदमी सच में हमसे जुड़ना चाहता है।
    उसने गाने सीखे, बोल सीखे, और अब फिल्म में आया।
    क्या तुमने कभी किसी विदेशी को अपनी भाषा सीखते हुए देखा है? नहीं न? तो ये बात बड़ी है।
    हम अक्सर अपनी भाषा को दूसरों के लिए बंद रख देते हैं, लेकिन वॉर्नर ने इसे खोल दिया।
    उसने न सिर्फ भाषा सीखी, बल्कि उसके अंदर का भाव भी समझा।
    मैंने उसके बोलने के तरीके में तेलंगाना के गाँवों की आवाज़ सुनी।
    उसने जो भी बोला, वो नकल नहीं, बल्कि एक अनुभव था।
    ये फिल्म के बारे में नहीं, ये इंसानियत के बारे में है।
    अगर एक क्रिकेटर इतना दूर से आकर अपनी भाषा सीख सकता है, तो हम अपनी भाषा को क्यों नहीं संजो सकते?
    मैं इस फिल्म को देखकर एक नया आदमी बन गया।
    अब मैं भी अपनी भाषा को दूसरों के साथ बाँटना चाहता हूँ।
    और ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, ये एक जागृति है।

  7. Debsmita Santra
    Debsmita Santra
    28 नव॰, 2025 AT 23:47 अपराह्न

    फिल्म के निर्माण के दौरान हैदराबाद में शूटिंग के साथ-साथ मेलबर्न और मुन्नार के लोकेशन्स का इस्तेमाल फिल्म की विश्वव्यापी दृष्टि को बढ़ाता है जिससे इसकी विश्वसनीयता बढ़ती है और इसकी नैरेटिव रचना को एक अंतरराष्ट्रीय आकार मिलता है जो अब तक तेलुगू सिनेमा में कम ही देखा गया है
    वॉर्नर के किरदार का आधार वासुदेव जो श्रीलीला के किरदार के पिता हैं और इस तरह निथीन के किरदार के साथ एक नैतिक और भावनात्मक टेंशन बनाते हैं जो फिल्म के थीम को और गहरा करता है
    जी.वी. प्रकाश कुमार का संगीत जो फिल्म के भावों को बहुत अच्छे से ट्रांसमिट करता है और इसके साथ फिल्म के एडिटिंग में कोटी का योगदान भी बहुत अहम है क्योंकि वो फिल्म के टेंपो को बरकरार रखते हैं
    और ये सब तब तक बेहतर होता है जब तक फिल्म के टाइटल रॉबिनहुड का अर्थ निथीन के किरदार के बदलाव के साथ बदलता है जो एक चोर से एक संरक्षक बन जाता है जो फिल्म को एक नए आयाम में ले जाता है
    और जब तुम देखते हो कि एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने टेलुगू गानों के बारे में जानकारी ली और टिकटॉक पर नाचकर युवाओं के दिल जीते तो ये सिर्फ एक फिल्म का प्रमोशन नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक ब्रिज बन जाता है
    और ये ब्रिज तब तक मजबूत होता है जब तक इसकी नींव वास्तविक सम्मान और अनुभव पर बनी हो न कि बस ब्रांडिंग के लिए
    और यही कारण है कि इस फिल्म का रेटिंग अभी तक 4.5 है क्योंकि लोग इसकी भावनात्मक गहराई को महसूस कर रहे हैं न कि बस इसके नाम को

  8. Vasudha Kamra
    Vasudha Kamra
    29 नव॰, 2025 AT 23:00 अपराह्न

    डेविड वॉर्नर का टेलुगू भाषा में बोलना एक असली सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने न केवल शब्द सीखे, बल्कि उनके भाव भी समझे। यह फिल्म केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक संवाद है।

  9. Abhinav Rawat
    Abhinav Rawat
    1 दिस॰, 2025 AT 18:24 अपराह्न

    इस फिल्म के बारे में सब कुछ जानने के बाद, मैंने सोचा - क्या ये फिल्म वाकई इतनी खास है? या हम सिर्फ एक बड़े नाम के आगे झुक रहे हैं?
    वॉर्नर ने जो किया, वो अच्छा था। लेकिन क्या ये फिल्म उसके बिना भी अच्छी होती?
    मैंने देखा कि फिल्म की कहानी थोड़ी बेकार है। रॉबिनहुड का किरदार बहुत धुंधला है।
    और फिर वो ऑस्ट्रेलियाई बिजनेसमैन जो बस एक लाइन में आ जाता है? ये तो बस एक प्रमोशनल ट्रिक है।
    लेकिन फिर भी... जब वह टेलुगू में बोलता है, तो लगता है कि वो असली है।
    क्या ये नाटक है? या ये दिल की बात है?
    मैं अभी भी नहीं जान पा रहा।
    लेकिन एक बात तो बिल्कुल साफ है - ये फिल्म ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया।
    और शायद यही असली कला है।

  10. Shashi Singh
    Shashi Singh
    3 दिस॰, 2025 AT 07:03 पूर्वाह्न

    ये सब एक बड़ा कॉन्सिरेप्सी है!!! वॉर्नर का डेब्यू? बस एक धोखा है!!!
    क्या तुम्हें पता है कि ये फिल्म को जानबूझकर टाला गया ताकि वॉर्नर के नाम के साथ ब्रह्मांडीय प्रचार हो सके???
    और ये टेलुगू बोलना? अरे भाई, उसने एक लिप-सिंक एपिसोड बनाया और लोगों को भावुक कर दिया!!!
    जी.वी. प्रकाश कुमार? वो तो हर फिल्म में होता है, ये कोई नया बात नहीं!!!
    और ये IMDb रेटिंग 4.5? ये तो बस एक फेक रेटिंग है!!!
    मैंने अपने दोस्त से पूछा - उसने फिल्म नहीं देखी, लेकिन उसने रेटिंग दे दी!!!
    ये फिल्म एक बड़ा ब्रांडिंग ट्रैप है!!!
    और तुम सब उसमें फंस गए!!!
    क्या तुम्हें नहीं लगता कि ये सब एक बड़ा डिजिटल नाटक है???
    जब तक तुम नहीं जाग जाते, तब तक ये चलता रहेगा!!!
    इस फिल्म के पीछे एक ग्लोबल कॉर्पोरेट गुट है!!!
    और तुम सब उसके लिए भावुक हो रहे हो!!!

  11. Surbhi Kanda
    Surbhi Kanda
    4 दिस॰, 2025 AT 09:21 पूर्वाह्न

    ये फिल्म के लिए बहुत ज्यादा ध्यान दिया गया है। वॉर्नर का कैमियो इतना बड़ा क्यों? फिल्म की कहानी तो बहुत आम है।
    हमें अपने खिलाड़ियों को फिल्मों में डालने की जरूरत नहीं।
    ये बस एक ब्रांडिंग ट्रिक है।

  12. Sandhiya Ravi
    Sandhiya Ravi
    6 दिस॰, 2025 AT 07:26 पूर्वाह्न

    मैंने फिल्म देखी और वॉर्नर का भाषण देखकर लगा जैसे कोई मेरे दिल की बात कह रहा है
    उसने जो भी किया वो बिना किसी नाटक के बस अपने दिल से किया
    मैंने भी अपनी भाषा को बच्चों को सिखाने की कोशिश की है और ये फिल्म मुझे बहुत प्रेरित करती है
    हम अक्सर भाषा को बस एक टूल समझ लेते हैं लेकिन ये तो एक जीवन है
    और जब कोई विदेशी उसे सीखने की कोशिश करता है तो वो हमारे लिए एक अहसान है
    मैं चाहती हूँ कि अधिक से अधिक लोग इस फिल्म को देखें क्योंकि ये सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक भावना है

  13. JAYESH KOTADIYA
    JAYESH KOTADIYA
    7 दिस॰, 2025 AT 02:40 पूर्वाह्न

    वॉर्नर ने टेलुगू सीखा? बस बकवास 😂
    हमारी भाषा को एक बाहरी आदमी ने सीख लिया और अब हम उसे गुरु बना रहे हैं? 😭
    अच्छा है कि ये फिल्म 4.5 है... वरना तो लोग इसे असली कला कह देते 😅
    अब तो हर क्रिकेटर फिल्म में आएगा... रोहित शर्मा अगली फिल्म में बॉलीवुड में नाचेगा? 🤡

  14. Vikash Kumar
    Vikash Kumar
    8 दिस॰, 2025 AT 09:20 पूर्वाह्न

    फिल्म बर्बर। वॉर्नर का कैमियो बहुत ज्यादा फोकस। बाकी सब बेकार।

  15. Siddharth Gupta
    Siddharth Gupta
    10 दिस॰, 2025 AT 04:14 पूर्वाह्न

    दोस्तों, ये फिल्म तो बस एक जादू की बात है।
    एक ऑस्ट्रेलियाई आदमी जो टिकटॉक पर नाचता है, फिर टेलुगू बोलता है, फिर फिल्म में आ जाता है - ये कोई स्टोरी नहीं, ये एक फैंटेसी है।
    लेकिन अगर तुम इसे देखोगे, तो लगेगा कि ये सच है।
    वॉर्नर ने जो किया, वो नहीं तो कोई और करता।
    ये फिल्म नहीं, ये एक आशा है।
    कि दुनिया के दो अलग इंसान एक दूसरे को समझ सकते हैं।
    कि भाषा कोई बाधा नहीं, बल्कि एक पुल है।
    और अगर एक क्रिकेटर ऐसा कर सकता है, तो हम क्यों नहीं?
    इस फिल्म का असली रिजल्ट बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि ये है कि अब एक आदमी ने सोचा - मैं भी कुछ बदल सकता हूँ।

  16. Bhavesh Makwana
    Bhavesh Makwana
    11 दिस॰, 2025 AT 12:47 अपराह्न

    सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात ये है कि वॉर्नर ने फिल्म के लिए भाषा सीखी, लेकिन उसका भाषण लिखे बिना बोल दिया।
    ये नकल नहीं, ये असली जुड़ाव है।
    हम लोग बस अपनी भाषा को बाहरी लोगों से छिपाते हैं, लेकिन उसने इसे खोल दिया।

  17. Sandhiya Ravi
    Sandhiya Ravi
    12 दिस॰, 2025 AT 22:03 अपराह्न

    हाँ बिल्कुल, ये बात सच है... जब वो बोला तो लगा जैसे उसके दिल में तेलंगाना की हवा बह रही हो
    मैंने उसकी आवाज़ में गाँव की धूल और शहर की गति दोनों सुनी
    और जब तुम ऐसा करते हो, तो भाषा बस शब्द नहीं, बल्कि एक दिल की धड़कन बन जाती है

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