गाजियाबाद की रहने वाली अनुष्का ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा खुलासा किया है जिसने राइड-शेयरिंग सेवाओं की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। अनुष्का ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए आरोप लगाया कि Rapido के एक बाइक टैक्सी ड्राइवर ने राइड खत्म होने के बाद उन्हें बेहद आपत्तिजनक और परेशान करने वाले मैसेज भेजे। यह पूरी घटना 20 अप्रैल, 2026 को तब सामने आई जब अनुष्का की पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई।
मामला तब बिगड़ा जब ड्राइवर ने राइड के बाद अनुष्का के निजी जीवन में दिलचस्पी दिखाना शुरू किया। हैरानी की बात यह है कि जिस नंबर से राइड बुक हुई थी, उसी नंबर से ड्राइवर ने देर रात उन्हें मैसेज करना शुरू कर दिया। अनुष्का के मुताबिक, उन्होंने बुकिंग के लिए सुबह 11:15 बजे अपनी लोकेशन शेयर की थी, लेकिन रात 1:25 बजे उन्हें मैसेज मिले। यह महज एक गलती नहीं, बल्कि प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन था।
क्या था पूरा मामला: 'क्यूट' कहने से लेकर अकेले रहने तक के सवाल
चैट के स्क्रीनशॉट्स से पता चलता है कि ड्राइवर ने बातचीत की शुरुआत बड़े अजीब तरीके से की। उसने मैसेज किया, "पहचाना नहीं, अभी तो ड्रॉप करके आया हूं"। जब अनुष्का ने पुष्टि की कि क्या वह वही रैपिडो राइडर है, तो ड्राइवर की हिम्मत और बढ़ गई। उसने लिखना शुरू किया कि अनुष्का "काफी क्यूट दिख रही थी" और पारंपरिक कपड़ों (traditional clothes) में वह और भी अच्छी लग रही थी।
बात यहीं नहीं रुकी। ड्राइवर ने अपनी हद पार करते हुए अनुष्का से यह भी पूछ लिया कि क्या वह घर में अकेली रहती हैं? इतना ही नहीं, उसने अगले दिन शाम 4 बजे मिलने का सुझाव भी दिया। जैसे ही अनुष्का को एहसास हुआ कि यह बातचीत अब सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है, उन्होंने तुरंत उस नंबर को ब्लॉक कर दिया। लेकिन तब तक ड्राइवर की हरकतें उनके मानसिक सुकून को छीन चुकी थीं।
अनुष्का ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में अपना दर्द बयां करते हुए लिखा, "रैपिडो बुक कर लेती हूं, क्या ही हो जाएगा" और फिर आगे लिखा "हो गया"। यह छोटा सा वाक्य उस डर और गुस्से को दर्शाता है जो हर वह महिला महसूस करती है जब उसकी प्राइवेसी किसी अनजान शख्स के हाथ में चली जाती है। इस पोस्ट को अब तक 3,80,600 लाइक्स, 7,500 कमेंट्स और 2,600 शेयर्स मिल चुके हैं, जो यह बताता है कि लोग इस मुद्दे पर कितने आक्रोशित हैं।
पुराने जख्म फिर हरे: मार्च 2023 की वो घटना
यह पहली बार नहीं है जब किसी राइड-शेयरिंग कंपनी के ड्राइवर पर ऐसे आरोप लगे हों। दिलचस्प बात यह है कि मार्च 15, 2023 को भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसकी रिपोर्टिंग तियासा भोवाल ने की थी। उस समय भी एक महिला ने शिकायत की थी कि राइडर ने उसे देर रात 1:25 बजे मैसेज कर कहा था कि वह सिर्फ उसकी डीपी (DP) और आवाज सुनकर राइड के लिए आया, वरना लोकेशन बहुत दूर थी।
उस ड्राइवर ने तो यहाँ तक कह दिया था, "मैं भईया वईया नहीं हूं" और साथ में एक हंसने वाला इमोजी भी भेजा था। इन दोनों घटनाओं में एक डराने वाली समानता है—दोनों ही मामलों में राइड सुबह हुई और मैसेज रात के एक बजे आए। यह पैटर्न इशारा करता है कि कुछ ड्राइवर ग्राहकों के फोन नंबरों का इस्तेमाल राइड के बाद उनके निजी जीवन में घुसने के लिए कर रहे हैं।
रैपिडो की प्रतिक्रिया और कंपनी का स्टैंड
जब मामला वायरल हुआ और सोशल मीडिया पर कंपनी की किरकिरी होने लगी, तब Rapido ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने इस व्यवहार को "अनैतिक" और "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया। उन्होंने अपनी माफी मांगते हुए कहा, "हेलो, कैप्टन में प्रोफेशनलिज्म की कमी के बारे में जानना हमारे लिए बेहद निराशाजनक है और हम इसके लिए माफी मांगते हैं।"
कंपनी ने दावा किया है कि वे इस मामले पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर रहे हैं और संबंधित 'कैप्टन' (ड्राइवर) के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, यूजर्स का कहना है कि केवल माफी मांगना काफी नहीं है। लोग अब यह पूछ रहे हैं कि क्या ड्राइवर की आईडी को स्थायी रूप से ब्लॉक किया गया है या यह सिर्फ एक औपचारिक माफी है?
सुरक्षा और प्राइवेसी: एक बड़ा सवाल
यह घटना महज एक ड्राइवर की बदतमीजी नहीं है, बल्कि एक बड़ी सिस्टम फेलियर है। सोशल मीडिया पर लोग अब उबर और ओला जैसी कंपनियों के पुराने विवादों को याद कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब राइड खत्म हो जाती है, तो ड्राइवर के पास ग्राहक का नंबर कैसे रहता है? क्या कंपनियों के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो राइड खत्म होते ही नंबर को मास्क (Mask) कर दे?
विशेषज्ञों का मानना है कि राइड-हेलिंग कंपनियों को अपनी स्क्रीनिंग प्रक्रिया को और कड़ा करना होगा। सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा, बल्कि ड्राइवरों के व्यवहार और उनके बैकग्राउंड की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इन-ऐप इमरजेंसी बटन के साथ-साथ डेटा प्रोटेक्शन कानूनों का सख्ती से पालन होना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
अनुष्का के साथ वास्तव में क्या हुआ था?
गाजियाबाद की अनुष्का ने रैपिडो बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया था। राइड के बाद, ड्राइवर ने उन्हें देर रात व्हाट्सएप पर मैसेज भेजे, जिसमें उन्होंने उनकी सुंदरता की तारीफ की, उनसे अकेले रहने के बारे में पूछा और अगले दिन मिलने का प्रस्ताव दिया, जो कि यौन उत्पीड़न और प्राइवेसी का उल्लंघन था।
रैपिडो कंपनी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
रैपिडो ने इस घटना के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और ड्राइवर के व्यवहार को 'अनैतिक' और 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया। कंपनी ने आश्वासन दिया कि वे संबंधित ड्राइवर के खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
क्या इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं?
हाँ, मार्च 2023 में भी एक समान मामला सामने आया था जिसमें एक ड्राइवर ने महिला यात्री को उसकी प्रोफाइल पिक्चर और आवाज की तारीफ करते हुए आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे। यह दर्शाता है कि राइड-शेयरिंग सेवाओं में डेटा सुरक्षा की गंभीर कमी है।
राइड-शेयरिंग सेवाओं में प्राइवेसी के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
कंपनियों को वर्चुअल नंबरिंग सिस्टम लागू करना चाहिए ताकि ड्राइवर और ग्राहक एक-दूसरे का असली नंबर न देख सकें। इसके अलावा, राइड खत्म होने के बाद संचार के किसी भी माध्यम को ब्लॉक करना और ड्राइवरों के लिए अनिवार्य व्यवहार प्रशिक्षण (behavioral training) आयोजित करना आवश्यक है।