अमरन मूवी रिव्यू: सिवाकार्थिकेयन और साई पल्लवी की शानदार अभिनय भूमिका

अमरन मूवी रिव्यू: सिवाकार्थिकेयन और साई पल्लवी की शानदार अभिनय भूमिका

तमिल फिल्म 'अमरन' ने सिनेमा की दुनिया में एक नई ऊंचाई स्थापित की है। इस फिल्म में सिवाकार्थिकेयन और साई पल्लवी ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। सिवाकार्थिकेयन ने मेजर मुकुंद वरदराजन की भूमिका में एक समर्पित सैनिक की छवि को बखूबी पर्दे पर उतारा है। उनका अभिनय इतना प्रभावी है कि दर्शक उनके हर एक हावभाव में डूब जाते हैं। दूसरी ओर, साई पल्लवी ने इंदु रेबेका वर्गीज के किरदार में जो गहनता लेकर आई हैं, वह देखते ही बनता है। उनके अभिव्यक्ति कौशल ने इस किरदार में आत्मा तक पहुँच दी है, जो दर्शकों को लंबे समय तक याद रहेगी।

इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार पेरियासामी ने किया है, जिन्होंने कहानी को जीने का एक नया तरीका प्रस्तुत किया है। फिल्म की कहानी युद्ध और देशभक्ति पर आधारित है, लेकिन यह साधारण देशभक्ति फिल्मों से भिन्न है। निर्देशक ने कहानी को एक अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया है, जहाँ नायक और नायिका दोनों ही अपने-अपने तरीकों से देश के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट करते हैं।

फिल्म का निर्माण कमल हासन, सोनी पिक्चर्स इंटरनेशनल प्रोडक्शन्स, और आर महेंद्रन ने किया है। फिल्म के निर्माण की गुणवत्ता दर्शकों को अद्वितीय अनुभव देती है। इसके अलावा, बैकग्राउंड म्यूजिक और गानों की रचना जी वी प्रकाश कुमार ने की है, जो हर दृश्य को जीवंत करते हैं। विशेष रूप से युद्ध के दृश्यों में संगीत और भी प्रभावशाली हो जाता है, जिससे दर्शकों की भागीदारी और बढ़ जाती है।

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी की बात करें, तो सी एच साई ने अपने कैमरे के जरिए दृश्यों को बेहद खूबसूरती से कैद किया है। खासकर युद्ध के दृश्य इतनी कुशलता से फिल्माए गए हैं कि वे असली प्रतीत होते हैं। इसके अलावा, एडिटिंग का कार्य आर कलैवनन ने बखूबी निभाया है, जिससे कहानी की गति एकरूप रहती है।

फिल्म के एक्शन की दिशा अनबरिव और स्टीफन रिचटर ने की है, जिन्होंने हर लड़ाई और संघर्ष के दृश्यों को दिलचस्प और रोमांचक बना दिया है। एक्शन सीक्वेंस की तालमेल इतनी बेहतरीन है कि दर्शक खुद को उन पलों से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। युद्ध के दृश्यों के साथ-साथ, फिल्म में कई भावनात्मक पल भी हैं जो कहानी में गहराई लाते हैं।

हालांकि यह एक युद्ध आधारित फिल्म है, लेकिन इसमें रोमांस और ड्रामा का भी अनूठा संयोजन देखने को मिलता है। सिवाकार्थिकेयन और साई पल्लवी की केमिस्ट्री स्क्रीन पर उत्साहजनक दिखाई देती है, जिससे फिल्म की कहानी और भी रोचक बन जाती है। फिल्म में कई मोड़ और उतार-चढ़ाव हैं, जो अंत तक दर्शकों को बांधे रखते हैं।

फिल्म का समापन जोशीला और प्रेरणादायक है, जो निश्चित रूप से दर्शकों को एक सकारात्मक संदेश छोड़कर जाता है। फिल्म को देखने के बाद दर्शक सोचने पर मजबूर होते हैं कि देश के वीर जवानों का संघर्ष और समर्पण कैसी अद्वितीय भावना होती है। इस प्रकार, 'अमरन' न केवल एक मनोरंजक फिल्म है, बल्कि यह दर्शकों को गहरे स्तर पर छूने वाला अनुभव देती है।

संक्षेप में, 'अमरन' फिल्म न सिर्फ एक आम दर्शक बल्कि आलोचकों के लिए भी एक दिलचस्प और विचारशील फिल्म बनकर उभरती है। इस फिल्म का हर एक पहलू - चाहे वह अभिनय हो, निर्देशन हो, या तकनीकी विभाग - सब कुछ उत्कृष्ट है। फिल्म समीक्षकों ने इसकी प्रशंसा की है और यह फिल्म आने वाले समय में निश्चित ही यादगार बनी रहेगी।

टिप्पणि (16)

  1. Keshav Kothari
    Keshav Kothari
    1 नव॰, 2024 AT 09:41 पूर्वाह्न

    इस फिल्म में सिवाकार्थिकेयन का अभिनय तो बहुत अच्छा है, लेकिन ये सब बातें तो बस एक औपचारिकता है। असली बात ये है कि ये फिल्म देशभक्ति के नाम पर एक राजनीतिक उपकरण बन गई है। हर दृश्य में एक छिपा हुआ संदेश है - तुम बिना आर्मी के कुछ नहीं हो।

  2. Jay Sailor
    Jay Sailor
    1 नव॰, 2024 AT 20:43 अपराह्न

    यह फिल्म जिस तरह से देशभक्ति को प्रस्तुत करती है, वह भारतीय संस्कृति के मूल मूल्यों के विरुद्ध है। यह एक राष्ट्रवादी बहाने के तहत एक विशिष्ट राजनीतिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है, जो वास्तविक वीरता के बजाय धार्मिक और राष्ट्रीय प्रचार को बढ़ावा देता है। यह फिल्म देश के वास्तविक जवानों की भावनाओं को नहीं, बल्कि एक अंधेरे राजनीतिक अभियान को दर्शाती है।

  3. Anindita Tripathy
    Anindita Tripathy
    3 नव॰, 2024 AT 00:23 पूर्वाह्न

    मैंने इस फिल्म को देखा और रो पड़ी। साई पल्लवी का एक दृश्य - जब वो अपने पति के लिए एक चिट्ठी लिखती है - उसमें इतनी गहराई थी कि मैंने अपने अपने परिवार को याद कर लिया। इस फिल्म ने मुझे याद दिलाया कि हर वीर जवान के पीछे एक अनकही कहानी होती है। बहुत बढ़िया काम किया है।

  4. Ronak Samantray
    Ronak Samantray
    4 नव॰, 2024 AT 20:12 अपराह्न

    ये सब फिल्में अमेरिकी एजेंसियों की चाल हैं। भारत के जवानों को बनाया जा रहा है एक नए धार्मिक देवता के रूप में। देखो ना, सब फिल्में एक जैसी।

  5. Anil Tarnal
    Anil Tarnal
    5 नव॰, 2024 AT 02:02 पूर्वाह्न

    मैंने इस फिल्म को देखा और अपनी जिंदगी का हर पल याद कर लिया। जब सिवाकार्थिकेयन ने अपने बेटे को गले लगाया, तो मैं बस एक बच्चा बन गया। इस फिल्म ने मुझे वापस ले आया - वो दिन, वो आवाज़, वो गर्मियाँ। मैं अब नहीं रो सकता।

  6. Viraj Kumar
    Viraj Kumar
    6 नव॰, 2024 AT 14:35 अपराह्न

    फिल्म के निर्माण में उपयोग किए गए सभी तकनीकी घटकों का विश्लेषण करने पर, यह स्पष्ट होता है कि इसका सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग उच्च स्तरीय है। विशेष रूप से, युद्ध के दृश्यों में कैमरा एंगल्स और लेंस फोकस का उपयोग बेहद सूक्ष्मता से किया गया है, जो दर्शक के अनुभव को गहरा करता है।

  7. Shubham Ojha
    Shubham Ojha
    8 नव॰, 2024 AT 05:26 पूर्वाह्न

    ये फिल्म सिर्फ एक फिल्म नहीं, ये तो एक जीवन जीने का तरीका है। जैसे बारिश के बाद खुशबू आती है, वैसे ही इस फिल्म ने मेरे दिल में एक नया स्वर भर दिया। साई पल्लवी की आँखों में देखो - वो एक देश की आत्मा हैं।

  8. tejas maggon
    tejas maggon
    10 नव॰, 2024 AT 04:24 पूर्वाह्न

    अमरन? अमर है ना? ये सब बस गूगल वालों की फेक न्यूज है। सिवाकार्थिकेयन तो एक नौकरी करता है, बाकी सब बातें बस बेवकूफों को भावनात्मक ट्रिगर करने के लिए।

  9. Subashnaveen Balakrishnan
    Subashnaveen Balakrishnan
    11 नव॰, 2024 AT 01:25 पूर्वाह्न

    फिल्म अच्छी है लेकिन एक्शन सीक्वेंस थोड़े ज्यादा लंबे हैं और कहानी को धीमा कर देते हैं। बाकी सब ठीक है

  10. Rajesh Dadaluch
    Rajesh Dadaluch
    12 नव॰, 2024 AT 12:36 अपराह्न

    बोर हो गया।

  11. Pratyush Kumar
    Pratyush Kumar
    13 नव॰, 2024 AT 08:20 पूर्वाह्न

    मैंने इस फिल्म को अपने बेटे के साथ देखा। उसने कहा, 'पापा, अगर मैं बड़ा हो जाऊँ तो मैं भी ऐसा बनूँगा।' उस लम्हे में मैंने समझ लिया कि ये फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक नई पीढ़ी के लिए एक विरासत है।

  12. nishath fathima
    nishath fathima
    14 नव॰, 2024 AT 19:39 अपराह्न

    इस फिल्म में बहुत सारे गलत तथ्य हैं। भारतीय सेना के नियमों के विरुद्ध बहुत कुछ दिखाया गया है। यह एक अशिक्षित दर्शक को भ्रमित करने के लिए बनाई गई है।

  13. DHEER KOTHARI
    DHEER KOTHARI
    15 नव॰, 2024 AT 00:41 पूर्वाह्न

    मैंने इसे अपने दोस्तों के साथ देखा और सब रो पड़े। बस एक बार देखो, और तुम्हारा दिल बदल जाएगा। ❤️

  14. Deeksha Shetty
    Deeksha Shetty
    15 नव॰, 2024 AT 14:27 अपराह्न

    साई पल्लवी का किरदार बहुत अच्छा था लेकिन उसके बाद के दृश्यों में उसकी भावनाएं बहुत फ्लैट लगीं। निर्देशक ने उसके अंतर्मन को पूरी तरह समझा नहीं।

  15. Ratna El Faza
    Ratna El Faza
    17 नव॰, 2024 AT 14:25 अपराह्न

    मैंने इस फिल्म को अपनी नानी के साथ देखा। वो बहुत खुश हुईं। उन्होंने कहा, 'बेटा, ये फिल्म वैसी है जैसे हमारे समय की थी।' वो रो पड़ीं। मैं भी।

  16. Nihal Dutt
    Nihal Dutt
    19 नव॰, 2024 AT 03:15 पूर्वाह्न

    ये फिल्म सब लोगों को एक तरह से बांधे रखने के लिए बनाई गई है। देखो ना, अमरन का मतलब अमर है, लेकिन इस फिल्म में कोई भी अमर नहीं है। सब कुछ बस एक बड़ा झूठ है।

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